कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषता क्या होती है? | कंप्यूटर के बारे में जानकारी

Computer in Hindi : आज कंप्यूटर आधुनिक दुनिया के लिए उतना ही जरूरी बन चुका है जितना कि उनके लिए जीवन जीना, खाना खाना, आदी है। क्योंकि बिना कंप्यूटर के आज के युग में किसी भी काम को करना बहुत ज्यादा मुश्किल हो चुका है। चाहे फिर वह कहीं दूर किसी से बात करने के लिए फोन का इस्तेमाल करना हो या फिर पढ़ाई करने के लिए किताबों की जगह यूट्यूब और आधुनिक कंप्यूटर टेक्नोलॉजी जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल करना हो। यह सारी चीजें कंप्यूटर के द्वारा ही मुमकिन है। बिना कंप्यूटर के ना तो आप एक जगह से कहीं दूर विदेश में दूसरी जगह बात कर सकते हैं और ना ही इंटरनेट और यूट्यूब जैसे आधुनिक टेक्नोलॉजी का अस्तित्व रहेगा। 

आज के समय में कंप्यूटर का जितना महत्व ऑफिस और बड़ी-बड़ी कंपनियों में है इसका उतना ही महत्व पढ़ाई के क्षेत्रों में भी है। अगर हम आज के स्कूलों की बात करें तो वह बच्चों को तीसरी और चौथी क्लास से ही कंप्यूटर के बारे में पढ़ाना शुरू कर देते हैं क्योंकि सब को यह पता है कि आने वाला समय कंप्यूटर का ही है। इंसान का पूरा भविष्य कंप्यूटर के ऊपर ही निर्भर कर रहा है। इसके अपने कुछ फायदे भी हैं और कुछ नुकसान भी जिनके बारे में हम नीचे लेख में बात करेंगे। 

स्कूलों में कंप्यूटर के बारे में पढ़ाना या बच्चों को बचपन से ही कंप्यूटर के बारे में सिखाना हाल ही में शुरू किया गया है लेकिन आज भी कई जगह ऐसी है जहां पर ना तो कंप्यूटर का इस्तेमाल पूर्ण रूप से किया जा रहा है और ना ही वहां के लोगों को टेक्नोलॉजी के बारे में कुछ खास होता है। यह लेख ऐसे ही लोगों के लिए लिखा गया है जिनको कंप्यूटर के बारे में या तो बिल्कुल भी जानकारी नहीं है या फिर जानकारी तो है लेकिन वह बहुत कम है।

साथ ही साथ यह लेख उन वृत्त और जवान लोगों के लिए भी है जो कंप्यूटर को सीखना चाहते हैं या फिर कंप्यूटर के बारे में सारी जानकारी लेना चाहते हैं।

आप में से कई लोगों के मन में यह प्रश्न जरूर आता होगा कि आखिर कंप्यूटर क्या है कंप्यूटर की विशेषताएं क्या है कंप्यूटर के भाग या फिर इसको किसने बनाया आदि ऐसे ही प्रश्नों के उत्तर आज आपको इस लेख में मिलेंगे। साथ ही साथ इस लेख में हम आपको कंप्यूटर के बारे में एकदम गहराई में जानकारी देने की कोशिश करेंगे। तो अगर आप कंप्यूटर के बारे में सारी जानकारी लेना चाहते हैं तो इसलिए को आखिर तक पढियेगा।

What is Computer In Hindi and Computer ki visheshta

कंप्यूटर क्या है? (What is Computer in Hindi)

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका इस्तेमाल डाटा को स्टोर कराने, प्रोसेस करने और इस्तेमाल करने के लिए किया जाता है। सबसे पहले कंप्यूटर का निर्माण 1837 में “Charles Babbage”  द्वारा किया गया था। यह शब्द “Computer” लैटिन के एक शब्द “Computare” से लिया गया है जिसका मतलब होता है गणना (Calculate) करना। सभी प्रकार के कंप्यूटर दो ही चीजों से मिलकर बने होते हैं एक होता है सॉफ्टवेयर और दूसरा हार्डवेयर इन दोनों के मिश्रण से ही एक कंप्यूटर का निर्माण होता है। 

कंप्यूटर के द्वारा किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण काम है बाहरी दुनिया से डाटा को लेना जिस हम इनपुट (Input) कहते हैं उसके बाद उस डांटा को एक महत्वपूर्ण जानकारी में बदलने की प्रक्रिया करना जिसे हम प्रोसेसिंग (Processing) कहते हैं और आखिर में उस महत्वपूर्ण जानकारी को बाहरी दुनिया या फिर यूजर को वापस देना जिसे हम आउटपुट (Output) कहते हैं।

कंप्यूटर सभी प्रकार की प्रोसेसिंग को करने में सक्षम है चाहे फिर वह मैथमेटिकल प्रोसेसिंग हो या फिर लॉजिकल प्रोसेसिंग। इन दोनों को करने के लिए कंप्यूटर बाहरी दुनिया से लिए डाटा को बाइनरी कोड मैं बदलता है उसके बाद उसे प्रोसेस करता है फिर वापस करता है।

कंप्यूटर की फुल फॉर्म (Full form of Computer in Hindi)

कंप्यूटर का फुल फॉर्म होता है  Commonly Operating Machine Particularly Used in Technology Education and Research

इससे तोड़कर देखे तो कुछ इस प्रकार दिखेगा। 

COMMONLY
OOPERATING
MMACHINE
PPARTICULARLY
UUSED IN
TTECHNOLOGY
EEDUCATION AND
RRESEARCH

कंप्यूटर का मुख्य कार्य क्या है ?

Input processing Output in hindi

कंप्यूटर के चार मुख्य कार्य है -:

  1. कंप्यूटर यूजर से इनपुट लेता है।
  2. यूजर से जो इनपुट लिया है उससे निर्देशों के अनुसार स्टोर करता है।
  3. कंप्यूटर यूजर से लिए गए इनपुट को निर्देशों के अनुसार प्रोसेस करता है।
  4. और सबसे आखरी में सारी प्रोसेसिंग होने के बाद रिजल्ट देता है।

कंप्यूटर का इतिहास (History of Computer in Hindi)

आज के जमाने में हम जिस प्रकार के कंप्यूटर हम देख पा रहे हैं पहले ऐसा कुछ भी नहीं हुआ करता था। पहले के समय में लोग कंप्यूटर की जगह गणना (Calculate) करने के लिए लकड़ियों, हड्डियों और पत्थरों का इस्तेमाल करते थे। लेकिन जैसा कि हमेशा से होता आया है जिस प्रकार इंसान समय के साथ बदलते हैं ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर भी समय के साथ बदलता गया। कंप्यूटर के इस बदलाव में कई सारे महान व्यक्ति जैसे सइंसिस्ट, आदी का योगदान रहा है। नीचे आपको सबसे पहले बनाए गए कंप्यूटर से लेकर आज के मॉडर्न कंप्यूटर की सारी जानकारी मिलेगी।

अबेकस (ABACUS)

यह माना जाता है कि कंप्यूटर की शुरुआत अबेकस नामक डिवाइस के साथ शुरू हुई थी। हालांकि इसमें किसी मशीन का इस्तेमाल नहीं हुआ था लेकिन अबेकस को दुनिया का सबसे पहला कंप्यूटर माना जाता है। अबेकस को चीन के अंदर लगभग 4000 साल पहले बनाया गया था।

इसकी बनावट की बात करें तो अबेकस चौकोर आकार में लकड़ी से बना होता है जिसके बीच में लोहे या स्टील की रोड लगी हुई होती है । इन रोड के अंदर गोलाकार लोहे की  गिट्टी लगी हुई होती है। अबेकस को हर कोई इस्तेमाल नहीं कर पाता। इसको इस्तेमाल करने के लिए पहले इसको चलाना सीखना पड़ता है । अबेकस की मदद से लोग गणित के प्रश्नों कासुलझाते थे। इसको आज भी कई सारे देशों में इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि चीन, रूस और भारत में भी इसको सीखा जाता है।

ABACUS in Hindi
Chinese Abacus             Source: WIKI

नेपियर बोनस (Napier Bones)

नेपियर बोंस 1550-1617 के बीच जॉन नेपियर द्वारा बनाया गया था। इसका इस्तेमाल गणना करने के लिए किया जाता था। इसको बनाने के लिए हड्डियों का इस्तेमाल किया गया था जिनके ऊपर नंबर बनाए गए थे। ताकि हड्डियों की मदद से गुणा (Multiply) और विभाग(Divide) किया जा सके।

napier bones in Hindi
Napier Bones                    Source: WIKI

पास्कलिने (Pascaline)

पास्कलिने को  1642 से लेकर 1644 के बीच एक फ्रेंच मैथमेटिशियन फिलॉस्फर Biaise Pascal के द्वारा बनाया गया था। इसको दुनिया की सबसे पहली कैलकुलेटिंग मशीन माना जाता है जो अपने आप ही जमा (Add) और घटा (Substract) करके देता था।

pascaline in hindi
Pascaline                      Source: Wiki

डिफरेंस इंजन (Difference Engine)

डिफरेंस इंजन को Charles Babbage द्वारा 1820 में बनाया गया था। Charles Babbage को  मॉडर्न कंप्यूटर का जनक भी माना जाता है। डिफरेंस इंजन की मदद से आसान Calculation को किया जा सकता था।  यह एक स्टीम से चलने वाला मैकेनिकल कंप्यूटर था जिसकी मदद से टेबल जैसे कि logarithm टेबल को सुलझाया जाता था।

Difference Engine in Hindi
Difference Engine           Source: WIKI

एनालिटिकल इंजन (Analytical Engine)

एनालिटिकल इंजन को भी Charles Babbage के द्वारा ही बनाया गया था। इसमें पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। यह उन्होंने 1830 ने बनाया था। यह उस समय का एक ऐसा मैकेनिकल कंप्यूटर था जो कि किसी भी प्रकार की गणित की समस्या (Mathematical Problems) को सुलझा सकता था और साथ ही साथ उसे अपनी मेमोरी के अंदर स्टोर भी कर सकता था।

Analytical engine in hindi
Analytical Engine        Source: WIKI

टेबुलेटिंग मशीन (Tabulating Machine)

टेबुलेटिंग मशीन की वजह से ही IBM कंपनी की शुरुवात हुई थी। टेबुलेटिंग मशीन को Herman Hollerith  के द्वारा 1890 मैं बनाया गया था। यह मशीन किसी भी तरह के डाटा को एक तरीके से रखती थी। जिसे हम अंग्रेजी में एसेंडिंग ऑर्डर और डिसेंडिंग ऑर्डर भी कहते हैं। इस मशीन को चलाने के लिए पंच कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। जब यह मशीन बहुत ज्यादा काम में आने लगी तो Herman Hollerith ने अपनी खुद की कंपनी भी खोली जिसका नाम टेबुलेटिंग मशीन कंपनी रखा गया और बाद में 1924 के आसपास इस कंपनी का नाम बदलकर IBM रख दिया गया।

Tabulating machine in hindi
Tabulating Machine   Source: WIKI

डिफरेंशियल एनालाइजर (Differential Analyzer)

यह पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था जो कि Vannevar Bush के द्वारा बनाया गया था। इसके अंदर वेक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया गया था जिसकी मदत से कैलकुलेशन को करते समय इलेक्ट्रिक सिग्नल को बदला जा सके। इस कंप्यूटर को 1830 में बनाया गया था।

Differential analyzer in Hindi
Differential Analyzer Source: WIKI

मार्क 1 (Mark I)

मार्क 1 को 1944 में आईबीएम और हार्वर्ड के द्वारा मिलकर बनाया गया था। इस कंप्यूटर को बनाने का एकलौता मकसद यही था कि बड़े नंबर्स के साथ कैलकुलेशन करी जा सके। मार्क I को बनाने का सुझाव Howard Aiken ने 1937 में दिया था।

कंप्यूटर क्या है, कंप्यूटर की विशेषता क्या होती है? | कंप्यूटर के बारे में जानकारी
Mark I                     Source: WIKI

कंप्यूटर की पीढ़िया (Generations of computer in Hindi)

जिस तरह से इंसान हो कि पीडिया कई समय से विकसित होती जा रही है ठीक उसी प्रकार कंप्यूटर की भी पीढ़ियां है जो समय के साथ विकसित हुई है। सबसे पहले जब कंप्यूटर बनाया गया था तो इसको चलाने के लिए पंच कार्ड तथा अन्य चीजों का इस्तेमाल करना पड़ता था। इसका आकार भी आज के कंप्यूटर के मुकाबले बहुत ज्यादा बढ़ा था। लेकिन समय के साथ इस को छोटा और छोटा बनाया जाने लगा और आज कंप्यूटर इतना छोटा हो चुका है कि वह आपके एक हाथ में भी समा सकता है।

जी हां जिस मोबाइल फोन पर आप इस समय इस आर्टिकल को पढ़ रहे हैं वह भी एक कंप्यूटर का ही रूप है। कंप्यूटर में हुई इस तकनीकी प्रगति को अलग-अलग समय में अलग-अलग जनरेशन का नाम दिया गया है। नीचे आपको कंप्यूटर की पांच पीढ़ियों के बारे में जानने को मिलेगा।

कंप्यूटर की पीढ़िया कंप्यूटर पीढ़ी के बारे में जानकारी 

पीढ़ी 1 (First Generation of Computer)

(1946-1959)

कंप्यूटर की पहली पीढ़ी में Vaccum Tube तथा Punch Cards का इस्तेमाल CPU तथा Operating System के तौर पर किया जाता था। और Output निकालने के लिए Magnetic Tape तथा Paper Tape का इस्तेमाल किया जाता था। यह कंप्यूटर आकर में बहुत ज्यादा बड़े और चलाने में बहुत ज्यादा धीरे होते थे। जिसकी वजह से इनको इस्तेमाल करना बहुत मुश्किल था। 

पहली पीढ़ी के उदहारण:

  1. ENIAC
  2. EDVAC
  3. UNIVACI

पीढ़ी 2 (Second Generation of Computer)

(1959-1965)

सेकंड जनरेशन कंप्यूटर के अंदर ट्रांजिस्टर का इस्तेमाल किया जाने लगा था। ट्रांजिस्टर के इस्तेमाल से कंप्यूटर फर्स्ट जनरेशन कंप्यूटर के मुकाबले सस्ता तथा ज्यादा तेज होता था। साथ ही साथ ट्रांजिस्टर कम बिजली की खपत भी करता था। इस जनरेशन के अंदर कंप्यूटर को चलाने के लिए Programming Language का इस्तेमाल किया जाने लगा था जैसे COBOL, FORTRAN, आदि।

दूसरी पीढ़ी के उदहारण:

  1. IBM 1620
  2. CDC 1604
  3. UNIVAC 1108

पीढ़ी 3 (Third Generation of Computer)

(1965-1971)