लाइटकॉइन क्या है | लाइटकॉइन और बिटकॉइन में क्या अंतर है?

Litecoin in Hindi : दोस्तों, मार्केट में जितने भी कॉइन निकले हैं उनमें से बहुत कम ही ऐसे कॉइन हैं जो कि बहुत ज्यादा पुराने हो। अगर मैं सबसे पुराने कॉइन की बात करूं तो यह तो सभी को पता होगा कि वह बिटकॉइन है। लेकिन क्या आपको पता है कि बिटकॉइन के बाद 2011 में एक और कोई निकाला गया था जिसका नाम लाइटकॉइन है। इस कोइन का नाम आपने सुना तो जरूर होगा लेकिन इस कोइन के बारे मे ज्यादातर लोग जानकारी के नाम पर इतना ही जानते हैं कि लाइटकॉइन एक क्रिप्टोकरेंसी है।

आप इस लेख को पढ़ रहे हैं तो मुझे पक्का यकीन है कि आप भी इस कॉइन के बारे में जानने  रखते है। तो दोस्तों अगर आप लाइटकॉइन के बारे में पूरी जानकारी लेना चाहते हैं तो इस लेख को आखिर तक पढ़ना क्योंकि इस लेख में मैं आपको लाइटकॉइन के बारे में सारी जानकारी देने वाला हूं। जैसे की लाइट कोइन क्या है(What is Litecoin in Hindi), इसे किसने बनाया है(Who create litecoin in Hindi), इसका इस्तेमाल क्या है(Usage of Litecoin in Hindi), यह कितने हैं(Total number of litecoin in Hindi), इसकी कीमत क्या है और आखिर में हम जानेंगे कि लाइटकॉइन और बिटकॉइन में क्या अंतर है। 

Litecoin in Hindi
लाइटकॉइन

लाइटकॉइन क्या है(What is Litecoin in Hindi)

लाइट कॉइन एक 100% डिसेंट्रलाइज्ड क्रिप्टोकरेंसी है जिसका इस्तेमाल पूरी दुनिया में पेमेंट करने के लिए किया जाता है। लाइट कोइन के इस्तेमाल होने का एक कारण यह भी है कि जहां बिटकॉइन में एक ट्रांजैक्शन करने के लिए आपको ₹1000 तक फीस देनी पड़ती है वही लाइट कोइन के अंदर आपको ना के बराबर फीस देनी होती है। इसी वजह से लाइटकोइन का इस्तेमाल सबसे ज्यादा बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है। लाइटकॉइन अपने आप में ही एक बहुत बड़ा पेमेंट नेटवर्क है। जिसको बड़ी-बड़ी कंपनियां ट्रांजैक्शन करने के लिए इस्तेमाल करती हैं।

वैसे तो हम सभी को यही लगता है कि हर जगह सबसे ज्यादा बिटकॉइन को ही एक्सेप्ट किया जाता है। हमें यह लगने का एक यह कारण भी है कि बिटकॉइन को हर एक छोटी से बड़ी वेबसाइट एक्सेप्ट करती है। लेकिन वही हम लाइट कोइन की बात करें तो इसके बारे में ज्यादा लोग इसलिए नहीं जानते क्योंकि इसको ज्यादातर बिजनेसमैन इस्तेमाल करते हैं। और इसका इस्तेमाल भी बहुत बड़ी-बड़ी ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है।

लाइटकॉइन का इतिहास 

लाइटकोइन को 7 अक्टूबर 2011 में “चार्ल्स ली” नामक कंप्यूटर साइंटिस्ट के द्वारा Github के ऊपर रिलीज किया गया था। और यह कॉइन 13 अक्टूबर 2011 में लाइव हुआ था। इस कोइन को बनाने का मुख्य कारण यही था कि लाइटकोइन के डेवलपर चार्ल्स ली, बिटकॉइन की तरह ही एक चांदी के रंग में एक क्रिप्टोकरंसी निकालना चाहते थे। अगर हम लाइट कोइन के काम करने की बात करें तो यह बिटकॉइन से ना तो ज्यादा भिन्न है और ना ही उसके सामान्य।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण यही है कि जहां बिटकॉइन SHA-256 एल्गोरिदम को इस्तेमाल करता है वही लाइटकोइन  इसकी जगह Scrypt एल्गोरिदम को इस्तेमाल करता है। और अगर हम लाइटकोइन के GUI की बात करें तो वह भी बिटकॉइन से काफी ज्यादा बेहतर है।

लाइटकॉइन के लिए साल 2013 बहुत ही अच्छा साबित हुआ था। यह इसलिए क्योंकि नवंबर 2013 में लाइटकॉइन की कीमत रातों-रात 24 घंटे के अंदर 100% से बढ़ गई थी। जिसकी वजह से यह बहुत ज्यादा चर्च&#