क्रिप्टोकरेंसी के बारे में भारतीय Finance Minister और RBI के विचार सामान्य देखने को मिले। RBI CBDC होएगी जल्द ही लांच

RBI: अभी कुछ समय पहले ही भारत सरकार ने सबके सामने क्रिप्टो को लेकर यह बताया था कि वह क्रिप्टो करेंसी को बैल नहीं करेंगे उसकी जगह वह उस पर  30% टैक्स लगा देंगे। लेकिन उस समय भी उन्होंने यह पुष्टि नहीं करी थी कि भारत में क्रिप्टो करेंसी आने वाले समय में कानूनी कहलाई जाएगी या फिर गैरकानूनी।

क्रिप्टोकरेंसी के बारे में भारतीय Finance Minister और RBI के विचार सामान्य देखने को मिले। RBI CBDC होएगी जल्द ही लांच
सोर्स: rediff

New Delhi: पिछले कुछ समय से भारत ने कई सारी चीजों को लेकर चाहे वह फिर मोबाइल फ़ोन एप्लीकेशन हो या फिर चीन के द्वारा बनाए जाने वाले सामान सबको बेन किया है और इसकी वजह से बहुत ज्यादा बवाल मचा हुआ है। भारत सरकार ने अभी तक कई सारे एप्लीकेशन को बेन किया है। लेकिन जब बात क्रिप्टो करेंसी के ऊपर आ गई है तो ऐसा लग रहा है कि भारत सरकार और आर.बी.आई के बीच क्रिप्टोकरंसी को लेकर कोई भी लड़ाई नहीं है।

ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योकि भारत में बहुत सारे लोगो की रूचि क्रिप्टो में है। और इसको बेन करने से लोग सरकार के खिलाफ भी हो सकते है। इस बार सरकार और आर.बी.आई दोनों के ही विचार क्रिप्टोकरंसी के बारे में सामान्य प्रतीत हो रहे हैं।

भारतीय फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन और RBI के गवर्नर शक्तिकांता दास ने मीडिया को यह बताया की क्रिप्टो करेंसी के बारे में सरकार और आरबीआई दोनों के विचार सामान्य है और इसको बहन करना दोनों ही सही नहीं मानते।

इस साल के बजट 2022-23 के अंदर भारतीय फाइनेंस मिनिस्टर सीतारमन ने यह बताया कि क्रिप्टोकरंसी में की जाने वाली सभी ट्रांजैक्शन के ऊपर अब से 30% टैक्स लागू किया जाएगा। और साथ ही साथ जल्द ही RBI भी अपनी क्रिप्टो करेंसी निकाल सकती है जो सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के नाम से जानी जाएगी। और यह कहा जा रहा है कि यह करेंसी अप्रैल 2022 तक लांच की जा सकती है।

इसके बाद 3 फरवरी को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मीडिया में यह बताया कि आबे के द्वारा निकाले जाने वाली क्रिप्टोकरंसी जिसका नाम सेंट्रल बैंक डिटेल करेंसी रखा जाएगा। यह हमारी डिजिटल इकोनामी को मजबूत करने में बहुत ज्यादा काम आ सकती है।

इसके कुछ समय बाद ही 11 फरवरी को फाइनेंस मिनिस्टर सीतारमन पीने मीडिया में यह कहा कि क्रिप्टोकरंसी पर टेक्स्ट लागू करने का मतलब यह नहीं है कि गवर्नमेंट ने स्कोर कानूनी तौर पर मान्यता दे दी है। क्योंकि भारतीय क्रिप्टोकरंसी कम्युनिटी के बीच बहुत सी बातें चल रही थी कि अप टैक्स लग चुका है तो क्रिप्टो करेंसी ने कानूनी तौर पर मान्यता प्राप्त कर ली है। और इन्हीं बातों को साफ करने के लिए सीतारमन जी ने 11 फरवरी को अपना बयान दिया।

भारतीय फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन जी और आर.बी.आई के गवर्नर शक्तिकांता दास ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के बारे में अभी बातें चल रही है। अभी तक सरकार किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है कि क्रिप्टोकरंसी को बैन करना है या नहीं। लेकिन उन्होंने यह बताया कि सरकार और आर.बी.आई दोनों के विचार सामान्य है और ऐसा हो सकता है कि क्रिप्टोकरेंसी को बैन ना करके उसपर सिर्फ टैक्स लागू करके छोड़ दिया जाए।

क्योंकि दोनों ही जानते हैं कि क्रिप्टोकरेंसी भारतीयों के बीच एक रुचि का विषय बन चुकी है और साथ ही साथ इसके अंदर बहुत सारी नाजुक जगह है जो भारत के लिए आने वाले समय में खतरा बन सकती है। जैसे कि money-laundering, आदि।

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