बाइनेंस कॉइन क्या है – Binance coin in Hindi

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Binance coin in Hindi : वैसे तो क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में ज्यादातर कॉइन एथेरेयम के ऊपर ही बनाए गए हैं। उनका कोई अपना खुद का प्लेटफार्म नहीं है और ना ही अपनी ब्लॉकचेन है। लेकिन कुछ कोई ऐसे भी हैं जिनकी अपनी खुद की ब्लॉकचेन तथा क्रिप्टोएक्सचेंज प्लेटफार्म है। और ऐसे ही कॉइन है बाइनेंस कॉइन

अगर आप भी बाइनेंस कॉइन के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं और आपको हिंदी में बाइनेंस कॉइन के बारे में जानकारी नहीं मिल रही है। तो आप बिल्कुल सही जगह आए हैं।

आज के इस लेख में मैं आपको बाइनेंस कॉइन के बारे में जानकारी दूंगा। जैसे कि बाइनेंस कॉइन क्या है, इसका इस्तेमाल कहा किया जाता है, बाइनेंस कॉइन का इतिहास, बाइनेंस कॉइन का भविष्य, आदि प्रश्नों के उत्तर आपको आज इस लेख में मिलेंगे। तो चलिए बिना और वक्त गवाए शुरू करते हैं अपने सबसे पहले प्रश्न के साथ की बाइनेंस कॉइन क्या है?

Binance coin in Hindi
Binance coin

बाइनेंस कॉइन क्या है – Binance coin in Hindi

Binance coin in Hindi एक decentralized क्रिप्टो कॉइन है जो एथेरियम ब्लाकचैन के ऊपर बना हुआ है। इसके एथेरियम ब्लाकचैन के ऊपर बने होने के कारण यह एक ERC-20 टोकन है। इस कॉइन को बाइनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज द्वारा लॉन्च किया गया है। और इसका सबसे ज्यादा इस्तेमाल भी बाइनेंस की क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज के ऊपर ही होता है। 

बाइनेंस दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है। यह दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज तब बानी जब 2018 में इसके ऊपर 1.2 मिलियन ट्रांसक्शन प्रति सेकंड हुई। 

बाइनेंस कॉइन का इतिहास – History of Binance coin in Hindi

बाइनेंस कॉइन को जुलाई 2017 में बाइनेंस क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज द्वारा लांच किया गया था। यह एक ICO कॉइन है। ICO की फुल फॉर्म है Initial Coin Offering। इसका मतलब होता है कि जब कोई कॉइन शुरुआत मेल लांच किया जाता है तो उसको कुछ लोगों के बीच पहले से ही बांट दिया जाता है।

बाइनेंस कॉइन को निम्नलिखित लोगों के बीच बांटा गया है। 

  • डेवलपर्स को 40% कॉइन दिए गए हैं।
  • इन्वेस्टर को 10% कॉइन दिए गए हैं।
  • और 50% कॉइन बेचे गए हैं।

जब बाइनेंस को लांच किया गया था, तब से अब तक हर Quater में बाइनेंस क्रिप्टो एक्सचेंज अपने coins को Buy-Back करता है। Buy-Back का मतलब है कि बाइनेंस ने अपने coins को जिन लोगों को बेचा था उन लोगो से अपने  कॉइन वापस खरीदना Buy-Back कहलाता है ।कॉइन को वापस खरीदने के बाद बाइनेंस उन कॉइंस को Burn कर देता है। या कह सकते हैं कि जला देता है। यह इसलिए जाता है ताकि कॉइन की कमी बनाई जा सके। जिससे यह कॉइन और भी ज्यादा कीमती हो जाएगा। जैसे कि बिटकॉइन है।

बाइनेंस की कीमत का इतिहास 

बाइनेंस कॉइन को कॉइन मार्केट वेबसाइट के ऊपर 26 जुलाई 2017 के दिन लिस्ट कराया गया था। जिस समय यह कॉइन, कॉइन मार्केट वेबसाइट के ऊपर लिस्ट हुआ था तब इसकी कीमत ₹6.7 रुपए थी। अपने शुरुआती समय में इस कॉइन ने भी कुछ ज्यादा अच्छा परफॉर्म नहीं किया।

इस कॉइन में पहला उछाल 25 मई 2019 को आया। जब इसकी कीमत ₹2431 रूपए हो गई। और सबसे बड़ा उछाल इसका तब आना शुरू हुआ जब इसकी कीमत 21 जनवरी 2021 के दिन ₹2817 रूपए से बढ़नी चालू हुई। और मई 2021 में ₹51228 रूपए तक पहुंच गई। लेकिन अपना All-Time-High टच करने के बाद इसकी कीमत दोबारा से घटना चालू होगयी। और अभी तक इसमें कोई दूसरा बड़ा उछाल नहीं देखा क्या। 

बाइनेंस कॉइन के जनक कौन है – Who invented Binance coin in Hindi

Changpeng Zhao बाइनेंस के फाउंडर और सीईओ है और यही बाइनेंस कॉइन के भी जनक है। इन्होने बाइनेंस कॉइन जुलाई 2017 में लांच किया था। 

बाइनेंस कॉइन कितने है – Total amount of Binance Coin in Hindi

बाइनेंस कॉइन की Maximum supply 170 मिलियन बाइनेंस क